मंगलवार, 1 दिसंबर 2020

 कलेक्टर ने किया एक कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी को निलंबित किया

ग्वालियर- समर्थन मूल्य पर ज्वार, बाजरा खरीदी केन्द्र पर अनियमिततायें पाए जाने पर कलेक्टर श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी मुरार श्री पंकज करोसिया को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही बरतने एवं सीएम हैल्पलाइन के प्रकरणों के निराकरण को समय-सीमा में न निपटाने पर तीन वरिष्ठ अधिकारियों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किए गए हैं।

कलेक्टर श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने मंगलवार को अंतरविभागीय समन्वय समिति की बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को बख्शा नहीं जायेगा। शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता वाली योजनाओं का क्रियान्वयन सभी विभागीय अधिकारियों का प्रथम दायित्व है। इसमें किसी भी प्रकार की कोताही सहन नहीं की जायेगी। उन्होंने सीएम हैल्पलाइन के प्रकरणों में लापरवाही पाए जाने पर क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड श्री एम पी सिंह, मुख्य कार्यपालन अधिकारी ग्वालियर विकास प्राधिकरण एवं कार्यपालन यंत्री पीआईयू सेल को कारण बताओ सूचना पत्र जारी करने के निर्देश दिए हैं।

कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने खाद्य विभाग की समीक्षा के दौरान नवीन खाद्यान्न पर्ची के वितरण की प्रगति पर असंतोष व्यक्त किया। नगर निगम ग्वालियर में लगभग 7 हजार नवीन राशन पर्चियों का वितरण शेष है। उन्होंने अपर आयुक्त नगर निगम को निर्देशित किया कि 48 घंटे में सभी नवीन राशन पर्चियों का वितरण करने के साथ-साथ हितग्राहियों को राशन भी उपलब्ध हो, यह सुनिश्चित किया जाए। नगर निगम का अमला और खाद्य विभाग का दल मिलकर नवीन खाद्यान्न पर्ची का वितरण और खाद्यान्न की उपलब्धता हितग्राहियों को हो, यह सुनिश्चित करें। की गई कार्रवाई से अवगत भी कराएँ। समय-सीमा में कार्रवाई पूर्ण न होने पर संबंधित अधिकारियों के विरूद्ध दण्डात्मक कार्रवाई की जायेगी।

कलेक्टर श्री सिंह ने यह भी निर्देशित किया कि माह नवम्बर का राशन भी हितग्राहियों को तत्परता से उपलब्ध कराया जाए। 15 दिसम्बर से पूर्व सभी हितग्राहियों को राशन का वितरण हो जाए, यह सुनिश्चित किया जाए। सीएम हैल्पलाइन के प्रकरणों की समीक्षा के दौरान विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि 100 दिन से अधिक लंबित सभी शिकायतों का निराकरण अभियान चलाकर सुनिश्चित किया जाए। आगामी बैठक में सभी विभागों की समीक्षा के दौरान 100 दिन से अधिक लंबित कोई भी आवेदन निराकरण के बिना नहीं पाया जाना चाहिए। जिन अधिकारियों द्वारा 100 दिन से अधिक लंबित प्रकरणों के निराकरण में कोताही बरती जायेगी। उनके विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जायेगी।

कलेक्टर  कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने बैठक में यह भी निर्देशित किया कि समर्थन मूल्य पर की जा रही खरीदी के दौरान सभी व्यवस्थायें चाक-चैबंद रहें, इसके लिये विभागीय अधिकारियों को भी जवाबदारी सौंपी गई है। जिन अधिकारियों को दायित्व सौंपे गए हैं वे अनिवार्यतरू खरीदी केन्द्रों का भ्रमण करें और खरीदी केन्द्र पर सभी व्यवस्थाओं को पूर्ण कराएँ। खरीदी केन्द्र पर किसानों के लिये बैठने की व्यवस्था के साथ-साथ पीने का पानी और गुड़-चने की व्यवस्था की गई है। किसानों को अपनी उपज के विक्रय में किसी प्रकार की परेशानी न हो, यह सुनिश्चित किया जाए।

रोको-टोको अभियान का हो प्रभावी क्रियान्वयन

कलेक्टर श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने यह भी निर्देशित किया है कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिये संभागीय आयुक्त श्री आशीष सक्सेना की पहल पर चलाए जा रहे रोको-टोको अभियान का प्रभावी क्रियान्वयन भी जिले में हो। शहरी क्षेत्र के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्र में भी अभियान के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। राजस्व अधिकारियों के साथ-साथ अन्य विभागीय अधिकारी भी अपने-अपने कार्यक्षेत्र में रोको-टोको अभियान के तहत कार्रवाई करें।

कलेक्टर श्री सिंह ने अधिकारियों से यह भी कहा कि वे अपने-अपने विभाग के मैदानी अमले तक रोको-टोको अभियान के तहत कार्रवाई करने के निर्देश प्रसारित करें। अपने कार्य क्षेत्र पर भी सभी लोग मास्क पहनें और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें। इसके साथ ही शहर में बिना मास्क पहनने वाले युवाओं को खुली जेल में रखकर कोरोना की भयावहता के बारे में बताया जा रहा है। विभागीय अधिकारियों को भी अगर कोई व्यक्ति बिना मास्क के मिलता है तो उसे रोकें-टोकें और आवश्यकता हो तो रूपसिंह स्टेडियम में बनाई गई खुली जेल में भेजें। इसके नोडल अधिकारी श्री राजीव सिंह को भी सूचित करें।

माफियाओं के खिलाफ करें सख्त कार्रवाई

कलेक्टर  कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार की मंशा के अनुसार जिले में माफियाओं के विरूद्ध कार्रवाई का अभियान चलाया जा रहा है। इनमें खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वाले, भू-माफियाओं के साथ-साथ अन्य प्रकार के माफियाओं के विरूद्ध भी कार्रवाई की जा रही है। सभी अनुविभागीय राजस्व अपने-अपने क्षेत्र में अभियान चलाकर कार्रवाई करें। माफियाओं के विरूद्ध प्रकरण कायम करने के साथ-साथ जेल भेजने की कार्रवाई भी की जाए।

गोवंश को बचाने के लिए कांग्रेस विधायक सतीश सिकरवार अनुकरर्णीय पहल



ग्वालियर। कांग्रेस विधायक सतीश सिंह सिकरवार ने गोवंश के संरक्षण और सुरक्षा के लिए पहल की है, उन्होंने अपना पहला मानदेय गौशाला लाल टिपारा को दान किया है इसके साथ ही प्रदेश में निराश्रित गोवंश के लिए सभी विधायकों से अपना अपना मानदेय दान करने की भी अपील की है साथ ही कहा कि गोवंश का सरंक्षण केवल सरकार के भरोसे नहीं हो सकता इसलिए ना केवल विधायक वरन समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपनी आय का 10ः हिस्सा गोवंश के संरक्षण सुरक्षा के लिए आसपास की गौशालाओं में दान करना चाहिए साथ ही सर्दी के भीषण प्रकोप से गौ माता को बचाने के लिए गुड अजवाइन बाजरे का आटा से बने लड्डू लोगों को अपने आस-पास सड़कों पर गलियों में घूम रही गौ माता को खिलाना चाहिए।

विधायक सतीश सिंह सिकरवार ने मंगलवार को गौशाला लाल टिपारा मुरार पहुंचकर विवाह की वर्षगांठ के अवसर पर सपत्नी गौभोग लगाया, इस दौरान हरा चारा और गुड़ से बने लड्डू का भोग लगाकर गौ सेवा की साथी शहर के लोगों से भी अपील की कि वह अपने स्तर पर हर संभव गौवंश के सरंक्षण के लिए प्रयास करें।इस दौरान उनकी पत्नी श्रीमती शोभा सिंह सिकरवार ने महिलाओं से अपील करते हुए कहा कि वह पॉलीथिन में किसी भी प्रकार की भोजन सामग्री को बंद करके न फेंके क्योंकि गौमाता पॉलिथीन खाकर मर जाती हैं, इस अवसर पर स्वामी ऋषभदेवानन्द ने गौ संरक्षण के लिए पूरे प्रदेश में क्या योजना बनाई जा सकती है इससे सिकरवार को अवगत कराया इस अवसर पर स्वामी प्रशांतनन्द,इस पत्रकार पवन जैन, गौशाला प्रभारी राजेंद्र सिंह गुर्जर भी विशेष रूप से मौजूद रहे।

माफिया के खिलाफ प्रशासन सख्त, बाट्रसबप नंबर किया जाएगा जारी



ग्वालियर। ग्वालियर जिला प्रशासन माफिया के खिलाफ मुहिम चला रहा है, इसकी जद में अब भू माफिया के अलावा अन्य माफिया भी शामिल हो रहे हैं. प्रशासन ने निर्णय लिया है कि अब भू माफियाओं से जमीन मुक्त कराई जाएगी. मुक्त कराने के बाद उस जमीन को किसी विभाग को सौंपा जाएगी, जिसके बाद उस विभाग की जिम्मेदारी होगी कि जमीन पर अतिक्रमण न होने दें. अभियान में लोगों का जन समर्थन मिले, इसके लिए जिला प्रशासन अब सोशल मीडिया का भी सहारा लेगा. जिला प्रशासन एक व्हाट्सएप नंबर जारी करेगा. जिस पर कोई भी व्यक्ति अपने आसपास के माफियों के बारे में जानकारी शासन को दे सकेगा.

वहीं जिला प्रशासन अब चिटफंड कारोबारियों की संपत्तियों को भी चिन्हित कर रहा है. ताकि जनता की गाढ़ी कमाई को को वापस दिलाया जा सके. चयनित होने के बाद इन संपत्तियों को नीलाम किया जाएगा. एंटी माफिया अभियान के तहत जिन क्रेशर और खदानों पर जिला प्रशासन के द्वारा जमीने दी गई है, यदि आने वाले समय में क्रेशर और खदान संचालक जुर्माने की राशि जमा नहीं करेंगे, तो ऐसे खदानों को लीज रद्द कर दी जाएगी.

आशीष सक्सेना को चंबल संभाग के संभागीय आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार।

 


ग्वालियरर-  राज्य शासन द्वारा संभागीय आयुक्त ग्वालियर संभाग श्री आशीष सक्सेना को चंबल संभाग के संभागीय आयुक्त पद का अतिरिक्त प्रभार सौंपने के आदेश जारी किए गए हैं। शासन आदेश के परिपालन में संभाग आयुक्त श्री आशीष सक्सेना ने चंबल संभाग के आयुक्त का पदभार ग्रहण कर लिया है। संभाग आयुक्त श्री सक्सेना ने मंगलवार को चंबल संभाग के आयुक्त पद का अतिरिक्त प्रभार ग्रहण किया और अधिकारियों से आवश्यक चर्चा की।


भूमिका बिरथरे की कविता सोशल मीडिया सी एम ने अपनी पत्नी के नाम पर शेयर की


भोपाल।मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान का एक सोशल मीडिया पोस्ट विवादों में आ गया है। शिवराज ने 22 नवंबर को अपनी पत्नी की लिखी एक कविता शेयर की थी, लेकिन उस कविता पर आपत्ति जताते हुए अन्य यूजर ने दावा किया है कि ये कविता उनकी लिखी थी। इसके बाद उसने एक-एक कर सोशल मीडिया पर पांच पोस्ट हैं, इससे मुख्यमंत्री की किरकिरी हो रही है।

मुख्यमंत्री शिवराज ने 8 दिन पहले अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक कविता शेयर की थी, जिसे उन्होंने अपनी पत्नी साधना सिंह का लिखा बताया था। सीएम ने लिखा था कि साधना सिंह ने कविता अपने पिता के लिए लिखी थी, जिनकी कुछ दिनों पहले ही मौत हो गई थी, लेकिन भूमिका बिरथरे नाम की यूजर ने दावा किया है कि कविता उनकी लिखी हुई है।

कांग्रेस ने शिवराज को घेरते हुए कहा कि भाजपा नाम बदलने में माहिर है। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव ने कहा कि अब तो शिवराज दूसरों की लिखी कविता को अपनी धर्म पत्नी की लिखी हुई बता रहे हैं।कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर लिखा- सरकार ही नहीं कविता भी चुराते हैं।

भूमिका ने


कविता के शब्दों में हेरफेर पर भी आपत्ति जताई है। उन्होंने लिखा है कि वे अपने पिता को डैडी कहती थीं, लेकिन सोशल मीडिया इसे कुछ लोग बाबूजी, बाऊजी या पापा जैसे शब्दों के साथ शेयर कर रहे हैं। उन्होंने अपील की है कि कविता के शब्द बेहद व्यक्तिगत हैं और इससे उनकी भावनाएं जुड़ी हैं। इसे तोड़-मरोड़कर कविता के साथ अन्याय न करें।भूमिका ने सीएम को संबोधित पोस्ट में लिखा है कि ‘मैं आपकी भांजी हूं। आपको मेरी कविता चुराकर क्या मिलेगा। ये कविता मेरे द्वारा लिखी गई है। उम्मीद है आप मेरे अधिकारों का हनन नहीं करेंगे। मामा तो अधिकारों की रक्षा के लिए होते हैं।’